मंगलवार, 30 जून 2009

चम्बल से शहर की तरफ हिरन

चम्बल से शहर की तरफ़ हिरन
इटावा, चंबल अभ्यारण्य क्षेत्र में रहने वाला हिरन लगातार कट रहे जंगलों के कारण अब शहरी क्षेत्रों का रूख करने लगे हैं। हिरन पहला जीव नहीं है जो जंगलों से निकल कर शहरी क्षेत्र में आए हों। इससे पूर्व चंबल के घने जंगलों में रहने वाले अजगर, सियार, पेंगोलिन, तेंदुआ सहित तमाम जीव शहरी क्षेत्र में पाए गए हैं। हिरन चूंकि वन्य जीव संरक्षित जीव है इसलिए इसके शहरी क्षेत्र में पाए जाने से वन विभाग भी हतप्रभ हैं।जंगलों में लगातार हो रहे कटान के कारण जंगलों में स्वतंत्र विचरण करने वाले जानवरों को अब जंगलों में रहने में खासी असुविधा होने लगी है। जिस प्रकार से पिछले एक वर्ष में दर्जनों विभिन्न प्रजाति के संरक्षित जीव शहरी क्षेत्र में आए, उससे यह साफ हो जाता है कि कहीं न कहीं यह जीव जंगलों में खुद को असुरक्षित मान रहे हैं और वह भटकते हुए शहरी क्षेत्र में शरण पाते हैं।हिरन के शहर में शरण पाए जाने के बाद वन विभाग के आला अधिकारी भी सकते में आ गए। इस संबंध में वन विभाग के वन क्षेत्राधिकारी विवेकानंद दुबे का कहना है कि चंबल क्षेत्र में अभी तक हिरनों के बारे में कोई ठोस अध्ययन नहीं किया गया है। इसलिए इनकी संख्या में बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है। यदा-कदा जब कोई जीव अपने समुदाय से भटक जाता है तो वह शहरी क्षेत्र में आ जाता है परंतु हिरन के मामले में यह पहला मौका है जब चंबल अभ्यारण्य क्षेत्र में वास करने वाले हिरन को शहरी क्षेत्र में देखा गया हो।

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